एक भेड़ ने बताया श्री राम की माता को सबसे महत्वपूर्ण गूढ़ रहस्य, इस परम सत्य को जान खुल जाएंगी आपकी आँखे !

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जब भगवान श्री राम रावण का वध कर व दिए गए वनवास को काटकर अयोध्या पहुंचे तो राजपरिवार सहित सभी अयोध्या के नागरिको में ख़ुशी की लहर छा गई. कैकेयी भगवान श्री राम के समीप पहुची तथा अपने गलती के लिए उनसे क्षमा मांगने लगी.

कैकेयी भगवान श्री राम के समीप आकर बोले है कृपालु, में आपके शरण में आई हु, कृपया मेरा उद्धार करें तथा मुझे सही मार्ग दिखाकर मेरा अज्ञान नष्ट करो.

कैकेयी की बात को सुनकर श्री राम बोले माता इसमें आपकी कोई गलती नही है, उस समय तो देवी सरस्वती ने आपकी वाणी में बैठकर वह वर मंगवाया था. आप तो शुद्ध-बुद्ध हैं.

आपको लेकर मेरे मन में किसी तरह का रोष नहीं है. फिर कुछ देर चुप रहकर बोले, लक्ष्मण आपको कहीं ले जाकर उपदेश दिला देंगे.

उन्होंने कैकई को विदा करते हुए लक्ष्मण से कहा कि कल माता को नगर के बाहर सरयू तट पर वहां ले जाना, जहां भेड़ें रहती हैं. भेड़ के मुंह से थोड़ा उपदेश वाक्य सुनवा कर वापस ले आना.