महापण्डित रावण की सिर्फ एक गलती ने इस स्थल को बना दिया ज्योतिर्लिंग, रोचक कथा !

shiv jyotra ling ki anokhi kahani, jyotirling ki amar katha, barah jyotirling ki katha, story of shivling in hindi, shivling history, rawan ke anjane raj, baidyanath dham temple, baba baidyanath temple deoghar, baba baijnath mandir, baijnath dham location,deoghar mandir, baidya nath mandir,बाबा बैद्यनाथ धाम, बाबा धाम देवघर, देवघर मंदिर

shiv jyotra ling ki anokhi kahani, jyotirling ki amar katha, barah jyotirling ki katha, story of shivling in hindi, shivling history, rawan ke anjane raj, baidyanath dham temple, baba baidyanath temple deoghar, baba baijnath mandir, baijnath dham location,deoghar mandir, baidya nath mandir,बाबा बैद्यनाथ धाम, बाबा धाम देवघर, देवघर मंदिर

पुराणों के अनुसार देवघर को महादेव शिव से सम्बन्धित एक महत्वपूर्ण एवम प्राचीन स्थान माना गया है. इस पवित्र एवम पावन तीर्थस्थल से कई पौराणिक व ऐतिहासिक घटना जुडी हुई है.

यह झारखंड में स्थित है. इस शहर को बाबाधाम भी कहा जाता है. उल्लेखनीय है कि देवघर को भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल किया गया है. यहां भगवान शिव का अत्यंत प्राचीन मंदिर है.

हर साल श्रावण, शिवरात्रि और सोमवार जैसे अवसरों पर यहां काफी संख्या में श्रद्धालु आते हैं. बाबा के दरबार में भारत से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी अनेक भक्त आते हैं.

इनमें से कुछ कांवड़ लेकर आते हैं और वे बिहार के सुल्तानगंज में गंगा से जल भरकर, सौ किमी से भी ज्यादा दूरी पैदल तय कर देवघर में भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं. वे बाबा से सुख-शांति और कल्याण का आशीर्वाद मांगते हैं.

देवघर शब्द का अर्थ है – ऐसा स्थान जहां देवी-देवता निवास करते हों यानी उनका घर. इसे बाबा धाम और बैद्यनाथ धाम भी कहते हैं.

इस शिवलिंग का वर्णन अनेक प्राचीन कथाओं और पुराणों में आता है. इसमें रोचक बात ये है कि शिवलिंग का संबंध रावण से भी है.

चूंकि रावण भगवान शिव का भक्त था. एक बार उसने भगवान शिव को तपस्या से प्रसन्न कर लिया. वह उन्हें लिंगरूप में लंका ले जाना चाहता था.