इस देवी ने किया था राखी का सबसे पहले निर्माण परन्तु भाई के लिए नहीं…! जाने रक्षाबन्धन से जुडी रोचक कथा l

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जाने रक्षाबन्धन से जुडी रोचक कथा  : –

हिन्दू धर्म में रक्षा बन्धन का पर्व ( Raksha Bandhan Parv ) बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है, यह त्यौहार भाई बहनो के प्यार का होता है. इस त्यौहार में बहने अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है तथा इसके बदले में भाई अपनी बहनो को उनके जीवन भर रक्षा करने का वचन देते है.

परन्तु क्या आप जानते है की सर्वप्रथम जिस देवी ने रक्षाबन्धन का निर्माण किया था उन्होंने उसे अपने भाई के कलाई पर बढ़ने के लिए नहीं बनाया था. हैना यह थोड़ी सी हैरान करने वाली बात. परन्तु यह सत्य है तथा भविष्य पुराण की कथा में इसका वर्णन मिलता है.

रक्षाबन्धन का त्यौहार ( Raksha Bandhan ka Tyohar ) वैसे तो भाई बहनो का त्यौहार कहलाता है परन्तु भविष्य पुराण में जो कथा मिलती है उसमे रक्षा बंधन से जुडी एक अनोखी ही कथा है. इस कथा के अनुसार रक्षासूत्र यानी राखी का जिसने सर्वप्रथम निर्माण किया वह थी देवी शची.

देवी शची देवराज इंद्र की धर्मपत्नी थी. एक बार स्वर्गलोक पर कब्जा जमाने के लिए असुरो ने एक बहुत बड़ी सेना के साथ देवताओ पर आक्रमण कर दिया. देवताओ ने असुरो को ऐसा करने से रोकने के लिए उनके साथ युद्ध किया.

दोनों पक्षो में बहुत भयंकर युद्ध हुआ परन्तु धीरे धीरे युद्ध में असुरो का प्रभाव बढ़ने लगा और वे देवताओ पर हावी होने लगे. अब सभी देवता धीरे धीरे युद्ध स्थल छोड़ अपने प्राणों को रक्षा के लिए भागने लगे.