जन्म कुंडली देख इस तरह खुद ही जान ले की कब होगी आप की शादी !

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shadi kab hogi kaise jane जाने कब होगी शादी :-

वर अथवा वधु के विवाह में देर होना एक बहुत ही साधारण समस्या है. बहुत ही देर से विवाह होने के कारण कभी कभी ऐसा होता है की वर अथवा वधु को मनचाहा रिश्ता नहीं मिला पाता. देर से शादी होने का मुख्य कारण है आपके कुंडली में ग्रहो की दशा.

आपकी शादी किस उम्र होगी तथा किस वर्ष में होगी यदि आपके मन में इस प्रकार के प्रश्न अक्सर उठते रहते है तो आज हम आपके लिए लेकर आये है कुछ ऐसे तरीके जिनके द्वारा आप बिना किसी अन्य पंडित की सलाह लिए अपने शादी का समय स्वयं देख सकते है.

आप खुद अपनी कुंडली देख ये पता कर सकते है की आपकी शादी किस उम्र में होगीshadi kab tak hogi –

Janam kundali se jaane kab hogi shadi:

शादी में देर से अभिप्राय है की यदि आपकी शादी के उस समय कोई रिश्ता नहीं मिल पा रहा जब आप शादी करना चाह रहे हो. शास्त्रो के अनुसार कुंडली का 7 वा ग्रह यह निर्धारित करता है की आपकी शादी कब होगी और किस उम्र में होगी.

शुक्र, बुध, गुरु तथा चन्द्र इन सभी को उत्तम ग्रह माना जाता है, यदि किसी व्यक्ति के कुंडली में उसके सातवे ग्रह में बताये गए 4  शुभ ग्रह में से कोई भी एक ग्रह है तो उस व्यक्ति की शादी में किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं आती. तथा इस प्रकार के व्यक्ति के विवाह के लिए रिश्ता भी शीघ्र मिलता है.

शनि, सूर्य, राहु तथा मंगल इन ग्रहो को अशुभ माना गया है यदि ये चारो ग्रह किसी व्यक्ति के कुंडली में होते है तो इस प्रकार के व्यक्ति के विवाह एवम दामपत्य जीवन में अनेक प्रकार की बाधाये उतपन्न हो सकती है. तथा रिश्ता ढूढने में इस प्रकार के व्यक्ति को बहुत ही परेशानी का समाना करना पड़ता है.

अधिकतर लोग जिनके विवाह में किसी भी प्रकार की बाधा आने का योग होता है उनकी कुंडली की ग्रह दशा निम्न प्रकार की होती है.

Shadi yog in kundali free:

बीस से चौबीस वर्ष के उम्र में शादी :-

यदि किसी व्यक्ति के कुंडली में बुध ग्रह सातवे स्थान पर हो तो उस प्रकार के व्यक्ति का विवाह शीघ्र होता है. बुध ग्रह जल्दी विवाह कराता है तथा इसे विवाह की दृष्टि से अत्यंत शुभ ग्रह माना गया है. यदि बुध के सातवे ग्रह में होने के साथ ही सूर्य ग्रह भी एक स्थान आगे अथवा पीछे हो तो इस प्रकार के व्यक्ति के विवाह में 2  वर्ष का विलम्ब हो सकता है.

अर्थात इस प्रकार के व्यक्ति का विवाह 23  अथवा 24  की उम्र में हो सकता है.

अतः यदि व्यक्ति के कुंडली में बुध सातवे ग्रह पर है तो उस व्यक्ति का विवाह 20  से 24  वर्ष की उम्र होना निश्चित है.

चौबीस से सत्ताईस की उम्र में शादी का योग :-

यदि शुक्र चंद्र अथवा गुरु किसी व्यक्ति के कुंडली में हो तो उस व्यक्ति के विवाह की 25 वर्ष में विवाह होने की प्रबल सम्भावना है. यदि व्यक्ति के कुंडली में गुरु सातवे ग्रह में है तो उस व्यक्ति के विवाह की उम्र पच्चीस है . अगर व्यक्ति के कुंडली में गुरु के आस पास सूर्य अथवा मंगल का प्रभाव हो तो उसकी शादी एक वर्ष के विलम्ब से होती है.

वही यदि व्यक्ति की कुंडली में शुक्र सातवे पर हो तथा उसके साथ ही उस ग्रह को शनि व राहु प्रभावित कर रहे तो इस प्रकार के व्यक्ति की शादी 2 वर्ष के विलम्ब से होती है अर्थात उस व्यक्ति का विवाह सत्ताईस वर्ष की उम्र में होता है.

यदि व्यक्ति के कुंडली में चंद्र सातवे ग्रह पर हो तथा उसके आस पास सूर्य व मंगल ग्रह का प्रभाव होता है तो इसका अभिप्राय है की उस व्यक्ति का विवाह छब्बीस की उम्र में सपन्न होगा.
शनि का प्रभाव यदि मंगल पर हो तो उस व्यक्ति का विवाह तीन वर्ष के विलम्ब से होता है .

यदि व्यक्ति के सातवे ग्रह में राहु स्थापति हो जाए तो इस प्रकार के व्यक्ति का विवाह बहुत ही विलम्ब से होता है तथा विवाह में अनेक समस्याएं आती है.

सताइस से बत्तीस के उम्र में शादी :-

यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल, राहु तथा केतु सातवे ग्रह में बैठे है तो उसका विवाह सत्ताईस से बत्तीस की उम्र में होता है. इन अशुभ ग्रह के कारण विवाह विलम्ब से होता है. यदि व्यक्ति के कुंडली के सातवे ग्रह में मंगल बैठा हो तो उस व्यक्ति का विवाह सत्ताईस उम्र से पहले नहीं हो पाता. यदि व्यक्ति के सातवे ग्रह में राहु का प्रभाव हो तो विवाह में बहुत सी अड़चने उतपन्न होती है. विवाह के लिए पक्का हुआ रिश्ता तक टूट जाता है. केतु सातवें घर में होने पर गुप्त शत्रुओं की वजह से शादी में अडचनें पैदा करता है.

शनि सातवें हो तो जीवन साथी समझदार और विश्वासपात्र होता है . सातवें घर में शनि योगकारक होता है फिर भी शादी में देर होती है . शनि सातवें हो तो अधिकतर मामलों में शादी तीस वर्ष की उम्र के बाद ही होती है .

बत्तीस से चालीस वर्ष की उम्र में शादी :-

शादी में इतनी देर तब होती है जब एक से अधिक अशुभ ग्रहों का प्रभाव सातवें घर पर हो . शनि मंगल, शनि राहू, मंगल राहू या शनि सूर्य या सूर्य मंगल, सूर्य राहू एक साथ सातवें या आठवें घर में हों तो विवाह में बहुत अधिक देरी होने की संभावना रहती है .


हालांकि ग्रहों की राशि और बलाबल पर भी बहुत कुछ निर्भर करता है परन्तु कुछ भी हो इन ग्रहों का सातवें घर में होने से शादी जल्दी होने की कोई संभावना नहीं होती.

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