माता वैष्णो के तीन पिंडियो के इस अलौकिकी रहस्य को जान आप भी हो जाओगे हैरान !

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माता वैष्णो के अलौकिकी रहस्य

”आदिशक्ति” वैष्णो देवी माता का मंदिर हिन्दू धर्म के प्रसिद्ध मंदिरो में से एक है. माता वैष्णो के प्रति उनके भक्तो की अटूट प्रेम एवं श्रद्धा है तभी तो वे पर्वतो के गोद में बसी माता वैष्णो देवी के मंदिर के दर्शन के लिए कठिन परिश्रम करके उनके दरबार तक पहुचते है.

भारत का स्वर्ग कहे जाने वाले सबसे खूबसूरत एवं रमणीय स्थल जम्मू कश्मीर के उधमपुर जिले में कटरा से 12 किलो मीटर की दुरी पर स्थित है माता वैष्णो देवी का मंदिर. जिस पहाड़ी पर माता वैष्णो का मंदिर स्थित है उस पहाड़ी को भी विष्णो देवी पहाड़ी के नाम  से जाना जाता है.

सुन्दर वादियो में बसे  माता वैष्णो देवी के इस मंदिर में  पहुचने के लिए कठिन मार्गो एवं चढ़ाइयों का सामना करना पड़ता है. परन्तु भक्त माता पर श्रद्धा एवं आस्था होने के कारण अपनी इस यात्रा को सफल बनाते है था उन्हें उस कठिन मार्ग एवं चढाई का कुछ ध्यान नहीं रहता.

नवरात्रो के समय तो माता विष्णो देवी के मंदिर में चार चाँद लग जाते है उन दिनों यहां की भव्यता देखते ही बनती है. इन नौ दिनों में माता के इस मंदिर को एक उत्सव का रूप मिल जाता है तथा यहां देश विदेश से भक्तो का जमावड़ा देखने को मिलता है.

यहां यह मान्यता प्रचलित है की जो भी भक्त इस मंदिर में सच्चे दिल से माता के दर्शन  करने को आता है, माता उसकी सभी मनोकामनाये पूर्ण करती है इसी के साथ अन्य मान्यता यह भी है की अगर माता न चाहे तो कोई भी माता के दरबार में हाजिरी नहीं लगा सकता.

जब माता की इच्छा होती है तो उनका भक्त किसी न किसी बहाने से उनके पास खिंचा चला आता है. माता निर्बलों का बल, नेत्रहीनों को नेत्र, सन्तान हिनो को सन्तान एवं गरीबो को धन प्रदान करती है.

माता के इस चमत्कारी प्रभाव के साथ इस धार्मिक स्थल की प्रत्येक बात कुछ बयां करती है. ना केवल यह स्थल, वरन् आदिशक्ति से जुड़ी पौराणिक कथा, इस मंदिर की संरचना का कारण एवं मंदिर में रखी तीन पिंडियां सभी का रहस्य बेहद रोचक है.