daridrata dur karne ke totke ज्योतिष के अनुसार जाएं क्यों आ रही है आपको परेशानी, कौन ग्रह हे उसका कारक !

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संसार का प्रत्येक मानव अपने जीवन daridrata dur karne ke totke की महत्वपूर्ण घटनाओं एवं परेशानियों सुख संपदा के आने वाले दिन आदि को जानने के लिए पल-पल परेशान और लालायित रहता है. इसका निवारण ज्योतिष शास्त्र कराता है. दुनिया के ज्योतिष शास्त्रों में मुख्य रूप से उन सात ग्रहों को ही मान्यता दी गई है. जो हमारे जीवन को निरंतर संचालित करते रहते हैं.

सूर्य ग्रह :- सूर्य ग्रह के कुपित होने से जातक को सिर व मष्तिष्क, ह्रदय, नेत्र, कान रोग और अस्थि भंग जैसी समस्याएं होने का अंदेशा रहता है. ( daridrata dur karne ke totke )

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चंद्र ग्रह :- चंद्र ग्रह के प्रभाव से मानसिक रोग, नींद न आना, नींद का बार-बार टूटना, जल से भय और उन्माद होने का अंदेशा रहता है.

मंगल ग्रह :- मंगल ग्रह के कुपित होने से पित्त विकार, त्वचा रोग, टायफाइड और अपेंडिक्स हो सकते हैं.

बुध ग्रह :- बुध ग्रह के कारण वात, ( daridrata dur karne ke totke ) पित्त और कफ से सम्बंधित रोग, नाक और गले के रोग तथा बुद्धि की कमी की संभावनाएं रहती हैं.

गुरु ग्रह :- गुरु ग्रह के कुपित होने से गठिया, कमर व जोड़ों में दर्द, शरीर में सूजन, कब्ज आदि समस्याएं होने लगती हैं.

शुक्र ग्रह :- यदि शुक्र ग्रह कुपित हो तो जातक को वात और कफ रोग होने के साथ-साथ शरीर के अंदरूनी हिस्सों में रोग होने की आशंका रहती हैं.

शनि ग्रह :- शनि ग्रह के कुपित होने से वात एवं कफ रोग,कैंसर, सांस के रोग जैसे रोग होने लगते हैं.

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राहु ग्रह :- यदि जातक राहु ग्रह से प्रकोपित हो तो उसे संक्रामक रोग, ह्रदय रोग, विष जनित रोग और हाथ और पैरों में दर्द जैसी समस्याएं होने लगती हैं.

केतु ग्रह :- यदि केतु ग्रह कुपित हो तो जातक त्वचा रोग, पाचन संबंधी रोग का शिकार हो सकता है.


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