rudraksh ke fayde in hindi | भगवान शिव से उतपन्न रुद्राक्ष को इस प्राकर धारण करने से आप पा सकते है अपनी हर समस्या से मुक्ति !

rudraksh ke fayde in hindi

पौराणिक कथाओ के अनुसार भगवान शिव के नेत्रों से रुद्राक्ष ( rudraksh ke fayde in hindi ) उत्पन हुआ और यह हमारी हर तरह की समस्या को हरने की क्षमता रखता है. कहते हैं रुद्राक्ष जितना छोटा हो, यह उतना ही ज्यादा प्रभावशाली होता है. सफलता, धन-संपत्ति, मान-सम्मान दिलाने में सहायक होता है रुद्राक्ष, लेकिन हर चाहत के लिए अलग-अलग रुद्राक्ष को धारण किया जाता है.

वैसे, रुद्राक्ष संबंधी कुछ नियम भी हैं, जैसे- रुद्राक्ष ( rudraksh ke fayde in hindi ) की जिस माला से आप जाप करते हैं उसे धारण नहीं किया जाना चाहिए. रुद्राक्ष को किसी शुभ मुहूर्त में ही धारण करना चाहिए. इसे अंगूठी में नहीं जड़ाना चाहिए.

कहते हैं, जो पूरे नियमों का ध्यान रख श्रद्धापूर्वक रुद्राक्ष को धारण करता है, उनकी सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं. कहा जाता है कि जिन घरों में रुद्राक्ष की पूजा होती है, वहां मां लक्ष्मी का वास होता है. यह भगवान शंकर की प्रिय चीज मानी जाती है. आइए जानते है, रुद्राक्ष धारण करने के फायदे……

– एकमुखी रुद्राक्ष को शिवजी का ही रूप माना जाता है. जिन लोगों को महालक्ष्मी की कृपा और सभी सुख-सुविधाएं चाहिए उन्हें एकमुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए. वैसे यह रुद्राक्ष आसानी से मिलता नहीं है. एकमुखी रुद्राक्ष को इस मंत्र (ऊँ ह्रीं नम:..) के जप के साथ धारण करना चाहिए.

– दोमुखी रुद्राक्ष को देवदेवेश्वर कहा गया है. सभी प्रकार की मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए इसे धारण करना चाहिए. धारण करने का मंत्र- ऊँ नम:.. इस मंत्र के साथ दोमुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए.

– शिवपुराण के अनुसार तीन मुखी रुद्राक्ष कठिन साधाना के बराबर फल देने वाला बताया गया है. जिन लोगों को विद्या प्राप्ति की अभिलाषा है, उन्हें मंत्र (ऊँ क्लीं नम:) के साथ तीनमुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए.

– चारमुखी रुद्राक्ष को ब्रह्मा का रूप माना गया है. ये रुद्राक्ष धारण करने वाले भक्त को धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की प्राप्ति होती है. इसका मंत्र है- ऊँ ह्रीं नम:.. इस मंत्र के साथ चारमुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए.