shri krishna katha in hindi एक ऐसा भी गाव जहाँ भगवान कृष्ण नहीं बल्कि दुष्ट कंस की होती हे पूजा, जाने इस गांव का अनोखा रहस्य !

shri krishna katha in hindi

मथुरा का राजा कंस एक बुरा शासक था, प्रजा पर ( shri krishna katha in hindi ) अत्याचार करना और विरोधियों का दमन करना यही उसकी फितरत थी. वह पूरी तरह आत्मकेन्द्रित था जिसके चलते उसने अपने पिता, सगी बहन और बहनोई को भी बंधी बनाकर रखा. ( shri krishna katha in hindi )

सत्ता हासिल करने के लिए उसने अपने पिता को बंधी बनाया था. देवकी और वसुदेव के विवाह के समय हुई भविष्यवाणी के अनुसार देवकी की आठवीं संतान उसकी मृत्यु का कारण बनने वाली थी इसलिए उसने अपनी बहन जिसे वो बहुत प्रेम करता था, उसे और उसके पति को अपनी कैद में रखा.

लेकिन होना तो वहीं था जो नियती ने पहले ही ( shri krishna katha in hindi ) निर्धारित किया हुआ था. देवकी और वसुदेव की आठवीं संतान के रूप में भगवान विष्णु ने अवतार लिया और कृष्ण के इस मोहक अवतार में उन्होंने दुराचारी कंस का अंत किया.

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कंस के साथ अत्याचारी, दुराचारी, शोषक जैसे विशेषण जुड़े हुए हैं लेकिन क्या आप जानते हैं इन सब के बावजूद कंस की पूजा की जाती है.
अब आप सोच रहे होंगे इतिहास जिसे क्रूर मानता है, लोग इसकी अराधना कैसे कर सकते हैं?

आपको बता दें कि लखनऊ से हरदोई की ओर जाते हुए एक गांव में आपको एक बड़ी मूर्ति नजर आएगी. पहली बार में तो आप यह अंदाजा भी नहीं लगा पाएंगे कि इतनी विशालकाय मूर्ति दुराचारी कंस की भी हो सकती है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि पीढ़ियों से उनके पूर्वज कंस की इस मूर्ति की पूजा करते आए हैं और यह परंपरा आज भी निभाई जा रही है.

सामान्यतौर पर हम सभी कंस को भी रावण ( shri krishna katha in hindi ) की ही तरह एक दुष्ट शासक के तौर पर जानते हैं, ऐसी मान्यता के विरोध में जाते हुए जब इस तथ्य के विषय में पता चलता है कि लोग इनकी पूजा भी करते हैं तो अव्वल तो इस बात पर विश्वास ही नहीं होता.

हालांकि जिस गांव की हम यहां बात कर रहे हैं उस गांव के लोग खुद ये बात नहीं जानते कि कंस की पूजा करने के लिए क्या कारण है या यह परंपरा किन हालातों में और कब शुरू हुई.

लेकिन हम इस बात को नजरअंदाज नहीं कर सकते कि बहुत से ऐसे स्थान भी हैं जहां असुर नरेश रावण को भी पूजनीय समझा जाता है. हां, कंस के प्रति आस्था रखने जैसी बात हमारे लिए तो नई ही है.

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