रोडपति से बनाये करोड़पति “सिर्फ एक कोड़ी “

दोस्तों आप सभी ने कुछ ऐसी कहावते तो सुनी होगी, जैसे “दो कौड़ी का आदमी” अर्थात कम हैसियत वाला व्यक्ति, या “दो कौड़ी की हैसियत हो जाना” अर्थात बरबाद हो जाना, व “कौड़ियों के भाव” अर्थात बहुत सस्ता, या “दूर की कौड़ी लाना” यानि अच्छा सुझाव देना तथा “कौड़ियों के मोल” अर्थात बहुत कम वैल्यू में खरीदना।

आमतौर पर बोलचाल की भाषा में भी कौड़ी से संबंधित मुहावरों का प्रयोग होता है। शब्द “कौड़ी” हमारे जीवन के कार्य-कलाप से जुड़ा है।

व्यक्ति इसकी पूजा करता है। महिलाएं इसे पिरोकर आभूषणों की भांति पहनती हैं।

इससे औषधि बनती है तथा इससे जुआ भी खेला जाता है। इस लेख के माध्यम से हम अपने पाठकों को बताने जा रहे हैं कौड़ी का सही अर्थ और कौड़ी के साथ महालक्ष्मी का कनेक्शन।