रोडपति से बनाये करोड़पति “सिर्फ एक कोड़ी “

पौराणिक मतानुसार देवी लक्ष्मी का जन्म समुद्रमंथन से हुआ था। समुद्र में अनगिनत प्रकार के अमूल्य रत्न जैसे की शंख, मोती व कौड़ी पाए जाते हैंं। अतः समस्त प्रकार के जल से उत्पन्न रत्नों की अधिष्ठात्री देवी महालक्ष्मी ही हैं।

कौड़ी एक रत्न है जो की धन के समान ही मूल्यवान हैं। प्राचीन काल में इसी कौड़ी रत्न से व्यापार, क्रय-विक्रय इत्यादि का कार्य होता था।

ज्योतिष, तांत्रिक व पौराणिक शास्त्रों में कुछ ऐसी चमत्कारी वस्तुओं का वर्णन है, जिन्हें धन संबंधित विशेष माना जाता है। इन वस्तुओं से महालक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है व धन में बरकत होती है।

इन्हीं वस्तुओं में से अति विशिष्ट वस्तु है लक्ष्मी की प्रिय कौड़ी। हम अपने पाठकों को कौड़ी संबंधित उपायों की जानकारी दे रहे है जो अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।

2 of 4