नहाते समय जापे ये एक मन्त्र पानी की तरह बरसेगा पैसा

सांसारिक जीवन में धर्म-कर्म के साथ धन की कामना भी किसी न किसी रूप में जुड़ी होती है क्योंकि जीवन की जरूरतों व दायित्वों की पूर्ति में धन की अहम भूमिका को नकारा नहीं जा सकता है। ऐसी धन संपन्नता के कोशिशें हर कोई अपनी ताकत के मुताबिक करता है।

वहीं, धर्मशास्त्रों के नजरिए से धनवान बनने का मतलब केवल ज्यादा से ज्यादा धन बटोरना नहीं है बल्कि धन के साथ गुणी होना ही असल में अमीरी मानी गई है।