हनुमान जी के सर का सिंदूर दाए हाथ से इस तरह लगाए खूब होगा पैसा और मान सम्मान

दोस्तों आज हम आपको मंगलवार का एक ऐसा उपाय बता रहे है जो आपकी जिंदगी को बदल देगा. आपके अमीर बनने के सपने को पूरा करेगा. दोस्तों यह उपाय बहुत ही सरल है तथा कोई भी इसे आसानी से कर सकता है. उपाय निचे वीडियो में दिया गया है.

रामभक्त हनुमान की कृपा जिस पर हो जाती है उसके सारे बिगड़े काम बन जाते हैं। कहा जाता है कि हनुमान जी कलयुग में भी विद्यमान है। हनुमान जी की पूजा-अर्चना से जादू-टोने, आर्थिक तंगी, रोग, ग्रह दोष, नकारात्मक ऊर्जा, डर आदि परेशानियों से छुटकारा मिलता है।

इसके साथ ही व्यक्ति को जीवन के हर कार्यों में सफलता मिलती है। जानिए, हनुमान जी से संबंधित कुछ सरल उपाय-

* शनिदेव के कुप्रभावों से ग्रसित व्यक्ति को पूजा-पाठ करने के पश्चात भी राहत न मिले तो उसे शनिवार को राम भक्त हनुमान को चोला अर्पित करना चाहिए। इसके साथ ही सिंदूर अौर चमेली का तेल चढ़ाकर हनुमान चालीसा या हनुमान जी के अन्य मंत्रों का जाप करें अौर तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें। इसके बाद काले चने अौर गुड़ के साथ नारियल अर्पित करने के बाद शनि बाधा से मुक्ति पाने के लिए हनुमान जी के 108 नामों का जाप करें।

* मंगल ग्रह के बुरे प्रभाव के कारण स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याअों से मुक्ति पाने के लिए हनुमान जी को चोला के साथ चमेली का तेल, सिंदूर अौर चने के साथ सूरजमुखी फूल अर्पित करें। इसके पश्चात पीपल की 9 पत्तियां लेकर चंदन की लकड़ी से उन पर श्रीराम लिखें अौर हनुमान जी को चढ़ाएं फिर हनुमान जी की 108 परिक्रमा लगाकर प्रार्थना करें। ऐसा करने से बिगड़े काम शीघ्र बनते हैं।

* डर अौर तनाव से मुक्ति पाने के लिए 7 दिन हनुमान जी का विशेष पूजन करें। प्रतिदिन हनुमान अष्टक अौर हनुमान चालीसा का 100 बार पाठ करने से फायदेमंद होता है।

* हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए अपनी ऊंचाई के अनुसार नाल को गांठ बांधकर नारियल में लपेटें अौर उस पर केसर अौर सिंदूर से स्वास्तिक बनाकर हनुमान चालीसा का पाठ पढ़ कर हनुमान जी को अर्पित करें।

* आर्थिक तंगी से छुटकारा पाने के लिए लगातार सात दिन पीपल के पेड़ के नीचे दक्षिण दिशा की अोर मुंख करके 108 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें।

* ग्रहों की समस्या से मुक्ति पाने के लिए हर मंगलवार अौर शनिवार काले चने अौर गुड़ लेकर हनुमान मंदिर में प्रसाद बांटें। इसके साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ करें।