एक साधारण सा पक्षी कबूतर आप को बना सकता है मालमाल

कबूतर को दाना खिलाने से पुण्य प्राप्ति ( Receipt Virtue of Feeding Pigeon )

सभी परिंदें बहुत ही चंचल और मासूम होते है लेकिन कबूतर चंचल कम और मासूम ज्यादा होता है. आराम करने के लिए ऐतिहासिक इमारतें और ऊँचे स्मारक उन्हें बहुत ज्यादा पसंद है. कबूतरों को दाना खिलाना लोगों को बहुत ही अच्छा लगता है, लेकिन इसकी बीट से भी लोग उतने ही परेशान रहते है. कबुअर को शांति का प्रतीक माना गया है, साथ ही कबूतर अपने जीवनसाथी के लिए बहुत ही ईमानदार होता है.

Perching White Pigeon

छत पर ना डाले दाना ( Never Put Food on Roof ) : कबूतर को दाना डालना एक पुण्य का काम है. लेकिन इसमें कुछ सावधानी रखनी चाहिए, आपने शायद कभी सुना भी होगा कि घर की छत पर कबूतर को दाना न डालकर, अपने आँगन में या घर के बाहर दाना डालें. लेकिन छत पर दाना बिल्कुल भी न डालें.

बुध और राहू की युति ( When Buddh and Raahu Meets ) : ज्योतिष के अनुसार जिस व्यक्ति की कुंडली में बुध और राहू का मेल होता है, तो वहाँ की स्थिति खराब हो जाती है और अगर जन्मकुंडली में ही बुध और राहू का मेल खराब हो तो फिर तो पूछों ही मत इन्सान का हाल पागलों की तरह हो जाता है और व्यक्ति उल्टी हरकतें करने लगता है. व्यक्ति इतना पागल हो जाता है कि वो इस अवस्था में कोई भी बड़ा अपराध कर बैठता है और जेल तक भी जा सकता है. ऐसे में व्यक्ति अपनी हरकतों से बुध और राहू को एक कर दें या फिर इनको और भी खराब कर दें, तो उसका नतीज़ा बुरा ही मिलेगा.

कबूतर को क्यों डाले दाना ( Why Feed Pigeon ) : कबूतर को दाना खिलाने का क्या कारण है इस बात को पूछने पर ज्योतिष ने बताया है कि कबूतर माँ लक्ष्मी के भक्त होते है. घर में कबूतरों का वास होने से लक्ष्मी की वृद्धि होती है और सुख शांति में भी वृद्धि होती है. अगर किसी कारण से समय पर उनका दाना नहीं डाला जाता है. तो दाने के लिए उनका शोर अपने आप ही शुरू हो जाता है.

छत पर दाना क्यों ना डालें ( Why Don’t Put Food on Roof ) : ज्योतिष के अनुसार कबूतर तो है बुध और छत है राहू अब ऐसे में लोग जब अपनी छत पर दाना डालते है, तो कबूतर छत पर दाना खाने के लिए आते है. इसके द्वारा बुध और राहू का मेल हो जाता है. लेकिन कबूतर तो दाना खाकर चलें जाते है ये कोई परेशानी की बात नहीं है. लेकिन परेशानी की बात तब शुरू होती है. जब वहाँ कबूतर आते है तो छत को गन्दी भी तो कर देते है और छत का मतलब राहू है अगर राहू खराब हो जाएगा तो उसका रिजल्ट बुरा ही मिलेगा. ये तो इसका कारण हो गया कि इसलिए छत पर दाना नहीं डालना चाहिए.

उपाय ( Solution ) : जिन व्यक्तियों के पास छत पर दाना डालने के सिवाय और कोई जगह नहीं होती है. तो वो लोग कबूतरों को दाना डालना बंद न करें और निराश तो बिल्कुल भी न हों. जैसे ही दाना खाकर कबूतर चलें जाते है तो तुरंत छत को पानी से धो दें. अब बुध और राहू ही बात आ गई है तो एक बात और है कि लोगों को बाथरूम के साथ सीढ़ी बिल्कुल भी नहीं रखनी चाहिए. क्योंकि बाथरूम तो राहू है और सीढ़ी बुध है ये दोनों मिल जाएंगें तो स्थिति खराब हो जाती है. साथ ही बुध व्यापार और राहू ससुराल भी है. ऐसे में जिन भी लोगों की कुंडली में बुध और राहू का खराब योग है. उन लोगों को ससुराल पक्ष के साथ मिलकर व्यापार बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए.

· डाकिया का कबूतर ( The Postman Pigeon ) : ये बात तो सबको पता है कि कबूतर बहुत ही तेजी से उड़ते है. तेज ऊँची उड़ान के कारण ही कबूतर प्राचीनकाल में डाकिये का काम भी किया करते थे और लोगों के संदेशों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पंहुचाने का काम करते थे. क्योंकि पहले नई नई ईमेल सेवाओं की सुविधा नहीं होती थी. इसलिए ये काम कबूतरों को करना पड़ता था.

· पालतू कबूतर ( Pet Pigeon ) : कबूतर को पालने का चलन भारत में 6000 सालों से भी पहले से चला आ रहा है. कबूतर न तो केवल देखने में सुंदर लगते है, बल्कि जब वे बोलते है तो दिल बहुत खुश हो जाता है और सारी चिंता भी खत्म हो जाती है. लेकिन फिर भी लोग तोते के मुकाबले कबूतर को बहुत कम पालते है और अगर पालते भी है तो वे उसका ज्यादा ख्याल नहीं रखते जितना उन्हें रखना चाहिए. जोकि बिल्कुल गलत बात है. सभी पक्षियों की समान रूप से देखभाल करनी चाहिए.

· शहर में दाना डालने का तरीका ( The way of Feeding Birds in Cities ) : शहर में पक्षियों को दाना खिलाना धीरे धीरे एक नए चलन का रूप ले रहा है. फिर चाहे यह फ्लाईओवर के नीचे या सड़क के किनारे ही क्यों न हो, आजकल ये स्थान लोगों के लिए पक्षियों के खाना डालने की जगह ही बन गई है. लेकिन इससे न केवल जगह गंदी होती है, बल्कि वहाँ इकट्ठा होने वाला पक्षियों का झुंड स्वास्थ्य संबंधी हानि का भी कारण बन जाता है.

· कैसे खिलायें ( How to Feed ) : छोटे कबूतरों का हमें बहुत ज्यादा ख्याल रखना पड़ता है. इसलिए छोटे कबूतरों को हमेशा अपने हाथ से दाना खिलाएं और बड़े कबूतरों का दाना एक छोटे से बर्तन में या फिर छत पर ही डाल दें. ध्यान दें कि कबूतर का भोजन छोटा होना चाहिए जिसे वो आसानी से खा सकें जैसे :- गेंहू, चना, साबुत अनाज या फिर भुट्टे का दाना आदि. अगर कबूतरों को किसी तरह के फल खिलाने हो तो उसके छोटे छोटे टुकडें काट लें और फिर उनको खिलाएं इससे उन्हें भी आराम मिलेगा.

पक्षियों को बांधे ना ( Free Birds ) : पक्षियों को बांधकर नहीं रखना चाहिए उनको घूमने की पूरी आजादी होनी चाहिए. पक्षियों को घर में अकेला घुमने के लिए छोड़ देना बहुत ही अच्छा माना जाता है. किसी कारणवश ऐसा नहीं कर सकते है और कबूतर को पिंजरे में रखना जरूरी है, तो पिंजरा बड़ा और तारों वाला बना होना चाहिए जिससे वह आसानी से उस पिंजरें में घूम सकें.
कबूतर को दाना खिलाने से पुण्य प्राप्ति

पक्षियों का पानी से प्यार ( Bird’s Love for Water ) : पक्षियों को पानी से बहुत ज्यादा प्यार होता है. इसलिए किसी भी पक्षी को पानी के पास जाने से आप कभी नहीं रोक सकते है. उसके नहाने की एक अच्छी सी जगह बनाएं और उसके पानी को हमेशा बदलते रहें. नहीं तो उसमें कीटाणु पैदा होने लगेंगें और आपका पालतू कबूतर बीमार हो जाएगा.

कबूतर को दाना डालने, उसको पालने और उसके महत्व के बारे में अधिक जानने के लिए आप तुरंत नीचे कमेंट करके जानकारी हासिल कर सकते हो.


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