सोमवती अमावश्या और सूर्य ग्रहण का दुलर्भ संयोग आज की रात एक दीपक घर होगी धन वर्षा

सोमवती अमावस्‍या का अनोखा संयोग इस बार 21 अगस्‍त को बन रहा है। यूं तो हर महीने में एक अमावस्‍या और एक पूर्णिमा होती है, मगर जो अमावस्‍या सोमवार को पड़ती है, वह ‘सोमवती अमावस्‍या’ कहलाती है।

सोमवती अमावस्‍या का अनोखा संयोग इस बार 21 अगस्‍त को बन रहा है। यूं तो हर महीने में एक अमावस्‍या और एक पूर्णिमा होती है, मगर जो अमावस्‍या सोमवार को पड़ती है, वह ‘सोमवती अमावस्‍या’ कहलाती है।

इस दिन किया उपाय आपको अपार धन एवं सुख समृद्धि दिला सकता है . दोस्तों यदि आज के अमावश्या के दिन आप दीपक का ये उपाय करे तो साक्षात् माँ लक्ष्मी की कृपा आप पर बरसेगी. दोस्तों उपाय इस वीडियो में दिया है.

इसके अलावा इस दिन को स्‍नान, दान के लिए शुभ समझा जाता है। धर्मग्रंथों के अनुसार, पांडवों ने पूरा जीवन गुजार दिया, मगर उनके जीवन में कभी सोमवती अमावस्‍या नहीं आई।

चूंकि सोमवार शिव जी का दिन होता है इसलिए सोमवती अमावस्‍या भी उन्हीं को समर्पित होती है। इस दिन गंगा नदी में स्‍नान का विशेष महत्‍व है, यदि वहां जाना संभव न हो पाए तो सुबह-सुबह किसी नदी या तालाब में स्‍नान करके भगवान शिव, माता पार्वती और तुलसी की पूजा करें।

इसके बाद पीपल के पेड़ की 108 परिक्रमाएं करें। ध्‍यान रहे कि हर परिक्रमा में कोई वस्‍तु चढ़ानी है। इसके अलावा प्रदक्षिणा के समय 108 फल अलग रखें और वे सभी वस्‍तुएं गरीबों व ब्राह्मणों को दान करें।

सोमवती अमावस्‍या को पितृ दोष दूर करने के लिए उपाय हेतु विशेष दिन कहा गया है। विभिन्‍न मतों के अनुसार, भिन्‍न-भिन्‍न उपाय प्रचलित हैं। जो इस प्रकार हैं:

– पितृ दोष को शांत करने के लिए सोमवती अमावस्‍या से इतर प्रत्‍येक शनिवार को पीपल के पेड़ की पूजा करें।

– सोमवती अमावस्‍या के दिन एक ब्राह्मण को दक्षिणा और भोजन कराना प्रभावी उपाय है।

– सोमवती अमावस्‍या के दिन खीर को दक्षिण दिशा में पिता की फोटो के सामने कंडे की धूनी लगाकर अर्पित करने से लाभ होता है।

– सोमवती अमावस्‍या की सुबह पीपल के पेड़ के पास जाकर उसे एक जनेऊ दीजिए और एक जनेऊ भगवान विष्‍णु के नाम पर उसे अर्पित कीजिए।

पीपल और भगवान विष्‍णु की प्रार्थना करते हुए 108 बार पीपल की परिक्रमा करें और एक मिठाई पीपल को अर्पित कीजिए। परिक्रमा करते समय ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।’ का जप करते रहें।