नवरात्रि में व्रत के दौरान ये एक भूल आपके पुरे व्रत का फल कर देगा बर्बाद

इन 10 बातों का रखें ध्यान-

नवरात्रि के दौरान व्रत करने वाले लोग अपनी दाढ़ी-मूंछ एवं बाल को कटवाने से दूर रहें।
यदि आपने अपने घर पर कलश स्थापित किया है तो पूरे दस दिनों तक अखण्ड जोत जलाते हुए उस स्थान को खाली ना छोड़े।

नौ दिन तक घर पर तामसी भोजन का सेवन बिल्कुल ना करें, इन दिनों आप सात्विक भोजन बनाए। अपने घर पर लहसुन प्याज के सेवन से दूर रहे।
व्रत करने वाले व्यक्ति इन दिनों अनाज का सेवन ना करें बल्कि फलाहार करें।

पुराण के अनुसार ऐसा माना गया है कि नवरात्रि के व्रत के समय मां देवी की पूजा भक्ति के समय में दिन के समय में सोना वर्जित है।
व्रत के समय में मांस-मदिरा, एवं तम्बाकू का सेवन पूर्ण रूप से वर्जित है।

व्रत के दौरान ब्रहमचार्य व्रत का पालन करें। पूरी साफ सफाई के साथ इस व्रत का पालन करें।
महिलाओं को पीरियड्स के समय में मां भगवती की पूजा से दूर रहना चाहिए, यहां तक कि इन दिनों में 5 से 6 दिनों तक पूजन वर्जित किया गया है।

यह करें-
व्रत के समय में आपको फलाहार का सेवन करना चाहिए, इसके लिए आप अपने खाने में समारी चावल, सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा, साबूदाना, के साथ मूंगफली, सेंधा नमक, आलू, फल, मेवे, का प्रयोग करना चाहिए।

मां देवी की पूजा करने के लिए ब्रम्हमुहूर्त में स्नान कर पूजन करना चाहिए। क्योंकि सूर्योदय के पहले पूजा करने से देवी मां प्रसन्न होती हैं।
इन नौं दिनों तक हर देवी की पूजा करके उनके अनुरूप भोग लगाएं एंव उनकी पूजा करें।

इन नौ दिनों तक हर देवी की पूजा करने के लिए हर एक देवी के अनुरूप उन्हें फूल अर्पित करें। ऐसा करने से देवी मां प्रसन्न होती हैं।
चंदन, तुलसी या रुद्राक्ष की माला का उपयोग कर नौं दिनों तक जाप करें।