इस श्राद्ध आपके घर भी आया है कौवा तो समझ जाये पैसो की आने वाली है बाहार

पितृपक्ष में लोग कौंवों को पूर्वजों का रूप मानते हैं. ऐसी मान्यता है कौओं को श्राद्ध का खाना खिलने पर पूर्वजों की आत्मा तृप्त हो जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कौए के कुछ इशारों जीवन में होने वाली शुभता और अशुभता के बारे में बताते हैं. अगर आपको कौए दिखाई दें या उनका स्वर सुनाई दे तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. आइए जानते हैं कौए से जुड़े कुछ शकुन-अपशकुनों के बारे में.

-यदि बहुत से कौए किसी नगर या गांव में एकत्रित होकर शोर करें, तो समझ लेना चाहिए कि उस नगर या गांव पर भारी विपत्ति आने वाली है.

-यदि किसी के घर पर कौओं का झुंड आकर चिल्लाए तो भवन मालिक पर कई संकट एक साथ आने का संकेत देते हैं.

-यदि किसी व्यक्ति के ऊपर कौआ आकर बैठ जाए, तो उसे धन व सम्मान की हानि हो सकती है.

-यदि किसी महिला के सिर पर कौआ बैठता है, तो उसके पति को गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है.

-कौआ यदि यात्रा करने वाले व्यक्ति के सामने आकर सामान्य स्वर में कांव-कांव करे और चला जाए तो कार्य सिद्धि की सूचना देता है.

-पेड़ पर बैठा कौआ यदि शांत स्वर में बोलता है, तो स्त्री सुख मिलता है.

-कौआ यदि ऊपर मुंह करके पंखों को फडफड़ाता है और कर्कश स्वर में आवाज करता है तो वह मृत्यु की सूचना देता है.

-उड़ता हुआ कौआ यदि किसी के सिर पर बीट करे, तो उसे रोग व संताप होता है और यदि हड्डी का टुकड़ा गिरा दे, तो उस व्यक्ति पर भारी संकट आ सकता है.