पितृ पक्ष का मंगलवार बना देगा आपका जीवन मंगल ही मंगल एक सिंदूर का टिका

मंगलवार का नामकरण ‘मंगल’ से हुआ है जिसका अर्थ है कुशल। सनातन धर्म में मंगल को ‘पवित्र और शुभ’ माना जाता है इसलिए हिन्दू मंगलवार को किसी भी कार्य का प्रारम्भ करने के लिए शुभ मानते हैं। मंगल से भाव महावीर हनुमान जी से भी माना जाता है। ज्योतिष भाषा में मंगल ऊर्जा का कारक माना जाता है। संकट के समय व्यक्ति की ऊर्जा की हानि होती है। यदि व्यक्ति संकट के समय में

मंगलवार के दिन हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय करे तो कुछ ही समय में आपकी किस्मत बदल सकती है। ये खास उपाय आपकी हर मनोकामना पूरी कर सकते हैं और सभी कष्टों का निवारण कर सकते हैं।

1 मंगलवार के दिन राम मंदिर में जाएं हनुमान जी के श्री रूप के मस्तक का सिंदूर दाहिने हाथ के अंगुठे से लेकर सीता माता के श्री रूप के श्री चरणों में लगा दें और अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए प्रार्थना करें।

2 शनिवार अथवा मंगल के दिन सुबह धागे में चार मिर्चें नीचे तथा तीन मिर्चें ऊपर और बीच में नीबू पिरोकर घर और व्यवसाय के दरवाजे पर लटका दें। इससे नकारात्मकता समाप्त होती है और सकारात्मकता का संचार होता है।

3 काले तिल, जौ का आटा और तेल मिला कर आटा गूंथ लें। अब इस आटे से एक रोटी बना कर उस पर तेल और गुड़ चुपड़ कर जिस को नजर लगी हो उस पर से सात बार उवारकर भैंसे को खिलाएं। शनिवार अथवा मंगलवार को यह उपाय करें।

4 प्रेत-बाधा से मुक्ति के लिए शनिवार अथवा मंगलवार को शाम के समय लाल कपड़े में थोड़ा-सा सिंदूर, तांबे का पैसा और काले तिल रखकर पोटली बना कर बांध लें। इस पोटली को प्रेत-ग्रस्त व्यक्ति के ऊपर से सात बार उवारकर किसी रेलवे लाइन या सड़क के एक छोर से दुसरे छोर पर फेंक दें और पीछे मुड़कर नहीं देखें और रास्ते में किसी से बातचीत नहीं करें।

5 छोटा बच्चा अधिक रोता हो तो रविवार अथवा मंगलवार के दिन नीलकंठ का पंख लेकर जिस पलंग पर बच्चा सोता है उसमें लगा दें। शीघ्र ही बच्चे का रोना समाप्त हो जाएगा।

6 छोटा बच्चा सोते समय डर जाता हो तो मंगलवार अथवा रविवार के दिन फिटकरी का एक टुकड़ा बच्चे के सिरहाने रख दें।

7 शनिवार के दिन हनुमान जी के मन्दिर में जाएं और उनके श्री रूप के कंधों पर से सिन्दूर लाकर नजर लगे व्यक्ति के भाल-प्रदेश पर लगाने से नजर का प्रभाव समाप्त हो जाता है।