इस नवरात्र की अष्टमी एक नारियल खुद कुबेर देव खोल देंगे धन के द्वार

हिंदू धर्म में नारियल को बहुत ही कल्याणकारी माना जाता है। नारियल का उपयोग पूजा-पाठ और विवाहिक कार्यो में किया जाता है। भारतीय रीति-रिवाज में इसको बहुत ज्यादा शुभ और सौभाग्यशाली माना जाता हैं। नारियल को देवी-देवताओं के भोग के लिए चढ़ाया जाता है तथा इसे उपहार, मंगल कलश और हवन यज्ञ संबधित कार्यो के काम में भी लिया जाता हैं

तंत्रो के अंदर भी नारियल को परेशानियाँ हटाने वाला और तकदीर बनाने वाला बताया गया है। जानिये कैसे आप तंत्र शिक्षा के अनुसार नारियल का इस्तेमाल करके अपनी तकदीर बना सकते है।

गरीबी की समस्या से मुक्ति पाने के लिए
हर शुक्रवार को सुबह जल्दी नहाने के बाद श्री गणेश और महालक्ष्मी का पूजन करें। पूजन में एक नारियल रखें। पूजन करने के बाद उस नारियल को तिजोरी के अंदर रख दें। रात के समय इस नारियल को निकालकर श्री गणेश के मंदिर में रख दें।

ऐसा 5 शुक्रवार तक करने पर पैसो से जुडी समस्याएं दूर हो जाती है।

अगर व्यापार में हानि हो रही हो तो
कारोबार में बार-बार हानि हो रही हो तो गुरुवार को एक नारियल सवा मीटर पीले वस्त्र में लपेटकर एक जोड़ा जनेऊ, सवा पाव मिठाई के साथ आस-पास के किसी भी विष्णु मंदिर में संकल्प के साथ चढ़ा दें। तत्काल ही व्यापार चल निकलेगा।

कर्ज की समस्या से छुटकारा पाने के लिए
शनिवार के दिन सुबह नहाने के बाद अपनी लंबाई के अनुसार काला धागा लें और फिर काले धागे को नारियल पर लपेट लें। नारियल का पूजन करें इसके बाद नारियल को नदी के बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। साथ ही ईश्वर से ऋण मुक्ति के लिए प्रार्थना करें।

यदि आपके पास पैसा नहीं टिकता हो तो
आपके पास पैसा नहीं टिकता हो तो शुक्रवार को माता लक्ष्मी के मंदिर में एक जटावाला नारियल, गुबाल, कमल फूल की माला, सवा मीटर गुलाबी और सफेद कपड़ा, सवा पाव चमेली का तेल, दही, सफेद मिठाई एक जोड़ा जनेऊ के साथ माता को अर्पित करें।

इसके बाद कपूर और देसी घी से आरती करें और श्री सुक्त का पाठ करें। पैसों सम्बंधित समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।

अपने कार्यो में सफलता पाने के लिए
अगर कोई काम काफी प्रयास के बावजूद सफल नहीं हो पा रहा है तो आप एक लाल रंग का सूती कपड़ा लें और उसमे रेशेयुक्त नारियल को लपेट लें और फिर बहते हुई जल में प्रवाहित कर दें।

जिस समय आप नारियल को जल में बहा रहे हों उस समय उस नारियल से सात बार अपनी कामना जरूर कहें।

कालसर्प और शनि दोष निवारण हेतु
शनिवार के दिन नारियल को काले कपड़े में लपेटें। 100gm काले तिल, 100gm उड़द की दाल तथा एक कील के साथ उसे बहते हुए जल में प्रवाहित करें। ऐसा करना बहुत ही लाभकारी होता है

। जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष हो या राहु-केतु अशुभ फल दे रहे हों तो ऐसा समय समय पर करते रहने से दोष दूर हो जाते हैं।

बीमारी या सकंट हटाने के लिए एक नारियल लें और उसे बीमार या संकटग्रस्त व्यक्ति के ऊपर से 21 बार वारकर किसी देवस्थान की अग्नि में डाल दें। यह उपाय आप मंगलवार और शनिवार के दिन ही करें। ऐसा 5 बार ही करें मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी के मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा पढ़े और एक बार उनको चौला चढ़ा दें।

शनि सकंट से मुक्ति हेतु
शनिवार को किसी नदी में नारियल प्रवाहित करें। ध्यान रहे कि लगातार 7 शनिवार करें। नारियल प्रवाहित करते हुए इस मंत्र का भी जप करें – ॐ रामदूताय नमः

लंबे समय तक स्थाई नौकरी पाने के लिए
नारियल के छिलकों को जलाकर भस्म तैयार करें पानी मिलाकर उसकी लुगदी बनाएं। लुगदी की 7 पुड़िया बनाएं। जिसमे से 4 पुड़िया घर के चारों कोनों में रखें और बची हुई पूड़ियों में से एक पुड़िया मकान की छत पर, एक पीपल के पेड़ की जड़ में और एक अपनी जेब में रखें।

7 दिनों के बाद सभी पुड़िया एक जगह पर इकट्ठी कर लें। फिर उसे वहाँ छुपाकर रखे जहाँ से आप आजीविका कमाना चाहते है।