इस नवरात्रि पूजा में रखे इस बात का ध्यान खुद माता करेंगी मुंहमांगी मुराद पूरी

नवरात्रि पर नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा का खास महत्‍व है। 21 सितंबर से नवरात्रि का महीना शुरू हो रहा है। इस दिन लोग मां दुर्गा की प्रतिमा और कलश स्‍थापित करते हैं। विद्वानों की मान्‍यता है कि नवरात्रि पर मां दुर्गा के पूजा पाठ को लेकर शुभ मुहूर्त का ध्‍यान रखना बहुत ही जरूरी है। इन नौ दिनों में मां जगदम्‍बा के नौ स्‍वरूपों के पूजा की जाती है।

इस बार नवरात्रि पर खास संयोग बन रहा है, जिससे इसका महत्‍व और भी अधिक बढ़ जाता है। वैसे तो नवरात्रि साल में दो बार आता है, पहला चैत्र मास में और दूसरा सितंबर-अक्टूबर माह में।

सितंबर-अक्टूबर में पड़ने वाली नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि कहते हैं। 21 सितंबर से यह आरंभ हो रहा है।

शारदीय नवरात्रि हस्त नक्षत्र में शुरू होने के कारण शुभ और फलदायक है। विद्वानों का कहना है कि नवरात्रि का हस्त नक्षत्र में प्रारम्भ होने से घट स्थापना का विशेष महत्व होता है। यदि शुभ मुहूर्त में घट स्थापना की जाती है तो मां की असीम कृपा होती है।

पूरे नौ दिनों तक होगी नौरात्रि

इस वर्ष की नवरात्रि में सबसे बड़ा शुभ संयोग यह है कि कोई भी दो तिथि किसी एक दिन नहीं पड़ेंगी। यानि, इस बार नवरात्रि का पर्व पूरे नौ दिनों तक चलेगा और दसवें दिन विजयदशमी मनाई जाएगी।

कलश स्‍थापना का शुभ मुहूर्त

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त भी खास होगा। हस्त नक्षत्र और सूर्य-चंद्रमा कन्या राशि में होंगे जिसके चलते कलश स्थापना सुबह 11 बजकर 36 मिनट से 12 बजकर 24 मिनट के बीच करना शुभ होगा।