नवरात्रे का तीसरा दिन एक पान का पत्ता खुद ब खुद बन पड़ेंगे आपके सारे काम

dhan prapti ke upay lal kitab, laxmi prapti ke achuk totke, laxmi prapti ke upay lal kitab, dhan prapti kuber mantra, turant dhan prapti, gupt dhan prapti sadhana, dhan prapti ke achuk mantra, makan prapti ke upay in hindi, dhan prapti ke upay hindi me, laxmi kripa mantra, maa laxmi ki kripa kaise paye, maa laxmi ki kripa paye, dhan prapti ke upay lal kitab, lal kitab ke upay free, laxmi ko prasann karne ke upay, laxmi prapti ke achuk totke,

हिंदू मान्यताओं के अनुसार पान के पत्ते को बहुत ही शुभ मान कर उसे पूजा में काम लिया जाता है। देवताओं को स्नान कराते समय भी पान के पत्ते का ही प्रयोग किया जाता है। परन्तु क्या आप जानते हैं कि तंत्र में पान के पत्ते के कुछ ऐसे प्रयोग बताए गए हैं जिन्हें करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ प्रयोग-

मंगलवार तथा शनिवार को हनुमानजी को एक डंठल वाला पान का पत्ता तथा लड्डू चढ़ाने से लंबे समय से अटके कार्य पूरे होते हैं। ऐसा लगातार सात शनिवार करना चाहिए। इस उपाय से बड़ी से बड़ी समस्या भी हल हो जाती है। अगर किसी की कुंडली में शनि या राहू जैसे ग्रह प्रतिकूल असर दे रहे हैं तो इस उपाय से वो भी अच्छा असर देने लगते हैं।

 

अगर आपको कोई काम बहुत लंबे समय से अटका हुआ है और लाख प्रयास के बाद भी नहीं हो रहा है तो रविवार को एक पान का पत्ता लेकर घर से बाहर निकलें, आपके सभी कार्य अपने आप बनते चले जाएंगे और आपको सफलता प्राप्त होगी

पान के पत्ते के सबसे ज्यादा प्रयोग हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए जाते हैं। ऐसा ही एक प्रयोग मंगलवार, शनिवार या हनुमानजयंति के दिन करने के लिए बताया गया है। इस प्रयोग में एक पान में कत्था, गुलकंद, सौंफ, खोपरे का बूरा और कतरी हुई सुमन डलवा कर बीड़ा बनवा लेना चाहिए। इस पान में चूना, सुपारी तथा तंबाकू का हाथ भी नहीं लगना चाहिए।

इसके बाद हनुमानजी की विधि-विधान से पूजा कर उन्हें यह पान अर्पित करें तथा उनसे प्रार्थना करें, ‘हे हनुमानजी, आपको मैं यह मीठा रस भरा पान अर्पण कर रहा हूं। इस मीठे पान की तरह आप मेरा जीवन भी मिठास से भर दीजिए’। इस प्रयोग को करने के बाद कुछ ही समय में आपकी बड़ी से बड़ी समस्या दूर हो जाएगी।


loading...
loading...