इस श्राद्ध कर लिया केवल ये काम तो खुद काल भी आपका बाल बांका नहीं कर सकता

श्राद्ध शुरू हो चुके है, पितरों की शांति व तपर्ण के लिए तमाम उपाय किए जाते है, लेकिन आपको पता है कि कुछ बातों का ध्यान रखकर भी आप घर बैठे ही पितरों को शांति प्रदान कर सकते हैं।

बस कुछ चीजों का त्याग और अमल कर आप पितरों को संतुष्ट कर सकेंगे। जरूरी नहीं की पितरों को शांति या संतुष्टी प्रदान करने के लिए पिंड दान या अन्य तरह के धार्मिक अनुष्ठान किए जाएं। केवल कुछ बातों को ध्यान में रखकर भी आप पितरों को खुश और सतुष्ट कर सकते हैं।

यह भी याद रखें की केवल अपने माता-पिता या सास-ससुर के लिए ही नहीं बल्कि अपने पूर्वजों के लिए भी श्राद्ध में कुछ बातों को ध्यान में रखना जरूरी है। पितरों के खुश रहने से भी घर में सुख व शांति का संचार होता है। ये कुछ बिन्दु हैं जिन्हे आप श्राद्ध में पालन अवश्य करें।

-पितृ पक्ष में किसी भी जीव-जंतु को कष्ट न पहुंचाएं। भले ही वह कीड़ा-मकौड़ा ही क्यों न हो। माना जाता है कि पितृ किसी भी रूप में आ सकते हैं।

-श्राद्ध में नॉनवेज,प्याज-लहसून जैसे तामसिक खाने का त्याग करें। साथ ही लौकी, तरोई, खीरा, चना, मसूर, साग आदि भी छोड़ देना चाहिए।

-पितरों की संतुष्टी के लिए पूरे श्राद्धपक्ष में ब्रह्मचर्य जैसे जीवन जीना चाहिए। ताकि शुद्धता बनी रही।

– नए काम या समान आदि नहीं खरीदना चाहिए।

-तिल या जो भी खाने की चीज आपके पूर्वजों को पसंद थी उसका दान करें। यही नहीं कुत्ता, बिल्ली, गाय और कौए को भी भोजन खिलाना चाहिए। मान्यता यह है कि पितरों के मृत तिथि पर ब्राह्मण को भोजन भी कराना अच्छा माना जाता है।

-यदि भोजन बना कर नहीं खिला सकते तो कच्चा ही दान कर सकते हैं। जल भी अपर्ण जरूर करें।

-यदि पिंड दान करने के लिए घाट या किसी नदी के पास करना ज्यादा उचित माना जाता है।