kali yuga predictions- पुराणों की 7 भविष्यवाणी, कलयुग में हो रही है सत्य !

kali yuga predictions-भविष्यवाणी, कलयुग में हो रही है सत्य  

हमारे शास्त्रों में यह वर्णन मिलता है की अनिश्चित भविष्य (kali yuga predictions)के साथ ही एक निश्चित अथवा तय भविष्य रेखा भी साथ चलती रहती है यानि की भविष्य में कुछ घटनाओं के संबंध में तो कुछ कहा नहीं जा सकता परन्तु कुछ घटनाएं ऐसी है जिनका भविष्य में घटना निश्चित है.

भविष्य का निर्माण केवल किसी व्यक्ति, समूह या संगठन पर ही निर्भय नहीं होता बल्कि प्रकृति के तत्व भी इसमें अपना योगदान करते है. भविष्य की सम्भावनाएं तो अनन्त होती है परन्तु कुछ सम्भावनाएं के बारे में पुख्ता तोर पर बताया जा सकता है.

यदि आप किसी निचले स्थान पर खड़े हो तो वहां से आप यह अंदाजा नहीं लगा पाएंगे की 10 मिनट बाद आपके क्षेत्र में बारिश होने वाली है. वही यदि आप किसी उच्चे स्थान अथवा पर्वत की चोटी पर खड़े हो तो आप दूर कहि हो रही बारिश को देखकर अंदाजा लगा सकते है की बारिश निचले इलाको में करीब 10 मिनट बाद होने वाली है.

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इसी प्रकार से भविष्यवक्ता कही उच्चे स्थान पर और हम नीचे हो…. सम्भावनाएं अनन्त है परन्तु जो सम्भवना निश्चित है उन्ही के आधार पर भविष्यवाणी की जाती है.

आज हम आपको हिन्दू पुराणों में वर्णित उन 7 भविष्यवाणियों के बारे में बतलायेंगे जो वास्तव में कलयुग में घट रही है.

संबंध होगा समझौता मात्र :- kali yuga predictions

भागवत पुराण के अनुसार कलयुग में विवाह बस एक समझौता होगा दो लोगों के बीच. इस युग में पुरुष और स्त्री साथ-साथ रहेंगे और व्यापार में सफलता छल पर निर्भर रहेगी. शारीरिक इच्छाओं की पूर्ति के लिए ही महिला-पुरुष एक-दूसरे के साथ रहेंगे.

पुरुषत्व का अर्थ सिर्फ पुरुष की संभोग शक्ति से जोड़कर ही देखा जाएगा. महिलाएं बेहद कड़वा बोलने लगेंगी और उनके चरित्र में नकारात्मकता घर चुकी होगी. उनके ऊपर न तो पिता का और न ही पति का जोर होगा.

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लोगो को के लिए धन ही होगा सब कुछ :- kali yuga predictions

श्रीमद् भागवत पुराण में किए गए कलयुग के वर्णन में कहा गया है कि इस युग में जिस व्यक्ति के पास धन नहीं होगा वो अधर्मी, अपवित्र और बेकार माना जाएगा और जिस व्यक्ति के पास जितना धन होगा वो उतना गुणी माना जाएगा और कानून, न्याय केवल एक शक्ति के आधार पर लागू किया जाएगा.

व्यक्ति के अच्छे कुल की पहचान सिर्फ धन के आधार पर ही होगी. धन के लिए वे अपने रिश्तेदारों और दोस्तों का रक्त बहाने में भी हिचक नहीं महसूस करेंगे.

लोग होंगे झूठे, भ्रष्ट और मॉस प्रिय :- kali yuga predictions

पृथ्वी भ्रष्ट लोगों से भर जाएगी और लोग सत्ता हासिल करने के लिए एक-दूसरे को मारेंगे. इन्हीं भ्रष्ट लोगों में से जो सबसे अधिक ताकतवर होगा, वही सत्ता को हथिया लेगा. जो व्यक्ति बहुत चालाक और स्वार्थी होगा, वो इस युग में बहुत विद्वान माना जाएगा. मनुष्य की सुंदरता उसके बालों से होगी. पेट भरना लोगों का लक्ष्य हो जाएगा.

भागवत पुराण के अनुसार कलियुग की समाप्ति से पहले लोग सिर्फ और सिर्फ मछली खाकर और बकरी का दूध पीकर ही जीवन व्यतीत करेंगे, क्योकि धरती पर एक भी गाय नहीं बचेगी.

 birth date marriage prediction :- कम हो जायेगी लोगो की आयु

जैसे जैसे कलयुग अपना प्रभाव दिखाने लगेगा मनुष्य की आयु भी घाट के बहुत काम हो जायेगी, मनुष्य अधिकतम 50 वर्षो तक ही जीवित रह पायेगा. भविष्य में एक समान्य व्यक्ति की आयु 16 वर्ष होगी तथा 7 – 8 वर्ष की लड़कियां गर्भ धारण करने लगेंगी.

कहि भी धार्मिक स्थल का नामो निशान नहीं होगा व तारो की चमक कम होने लगेगी. ऐसे में भगवान विष्णु के अंतिम अवतार कल्कि का जन्म होगा.

बदल जाएगा मौसम :-

जब कलयुग अपने पूर्ण अस्तित्व में आयेगा तो इसका मौसम में भी प्रभाव पड़ेगा. सभी जगह आकाल पड़ जाएगा लोग अपनी भूख शांत करने के लिए मिटटी, पत्ते, जड़, जानवर, घास आदि खाने को मजबूर हो जाएंगे तथा इतने हिंसक हो जाएंगे की अपने ही परिवार वालो को मारने लगेंगे.

ठण्ड, हवा, गर्मी, वर्षा ये सभी चीज़े उन्हें परेशान करने लगेगी. महाभारत में कलयुग के अंत में प्रलय होने का जिक्र है, लेकिन यह किसी जलप्रलय से नहीं होगा बल्कि लगातार बढ़ रही गर्मी के कारण होगा. महाभारत के वन पर्व में यह उल्लेख मिलता है की सूर्य का प्रकाश इतना प्रचण्ड होगा की सातो समुद्र व सातो नदियाँ सुख जाएंगी.

संवर्तक नाम की अग्नि धरती को पाताल तक भष्म कर देगी. वर्षा पूरी तरह से बंद हो जायेगी तथा सब कुछ जल जाएगा. इसके बाद फिर लगातार 12 वर्षो तक बारिश होगी जिससे सारी धरती जल मग्न हो जायेगी.

कलयुग :- वैदिक धर्म का हो जाएगा पतन

कलयुग में धर्म, सत्यवादिता, स्वच्छता, सहिष्णुता, दया, जीवन की अवधि, शारीरिक शक्ति और स्मृति सभी दिन-ब-दिन घटती जाएगी. लोग बस स्नान करके समझेंगे कि वे अंतरात्मा से भी साफ-सुथरे हो गए हैं.

धरती पर रहने वाला कोई व्यक्ति किसी भी तरह से वैदिक और धार्मिक कार्यों में रुचि नहीं लेगा, वह एक स्वच्छंद जीवन व्यतीत करेगा. कलयुग में वे लोग सिर्फ एक धागा पहनकर अपने को ब्राह्मण होने का दावा करेंगे.

‘अपनी तुच्छ बुद्धि को ही शाश्वत समझकर कुछ मूर्ख ईश्वर की तथा धर्मग्रंथों की प्रामाणिकता मांगने का दुस्साहस करेंगे. इसका अर्थ है कि उनके पाप जोर मार रहे हैं.’

‘ज्यों-ज्यों घोर कलयुग आता जाएगा त्यों-त्यों सौराष्ट्र, अवन्ती, अधीर, शूर, अर्बुद और मालव देश के ब्राह्मणगण संस्कारशून्य हो जाएंगे तथा राजा लोग भी शूद्रतुल्य हो जाएंगे.’

यहां ‘शूद्र’ का मतलब उस आचरण से है, जो वेद विरुद्ध है. मांस, मदिरा और संभोगादि प्रवृत्ति में ही सदा रत रहने वाले राक्षसधर्मी को ‘शूद्र’ कहा गया है. जो ब्रह्म को मानने वाले हैं वही ब्राह्मण हैं. आज की जनता ब्रह्म को छोड़कर सभी को पूजने लगी है. जब सभी वेदों को छोड़कर संस्कारशून्य हो जाएंगे.

गंगा एवं अनेक पवित्र तीर्थ स्थल हो जाएंगे विलुप्त :-kali yuga predictions

कहते है की कलयुग के समीप आने पर गंगा नदी, केदारनाथ, बद्रीनाथ सहित आदि अनेक पवित्र तीर्थ विलुप्त हो जाएंगे. तथा सिर्फ एक तीर्थ स्थल ही होगा जिसका नाम होगा भविष्यबद्री.