kanwar yatra-श्रावण की कावड़ यात्रा का न केवल आध्यात्मिक बल्कि वैज्ञानिक महत्व भी है !

उज्जयनी में महाकाल को जल चढ़ाने से रोग निवृत्ति और दीर्घायु प्राप्त होती है.हरिद्वार से जल लेकर दिल्ली, पंजाब आदि प्रांतों में करोड़ों यात्री जलाभिषेक करते हैं.

उत्तर प्रदेश प्रांत के बागपत के पास मौजूद गढ़मुक्तेश्वर से गंगा जी का जल लाकर लाखों लोग श्रावण मास में भगवान शिव पर चढ़ाकर अपनी कामनाओं की पूर्ति करते है.

भारत के समस्त हिंदुओं का विश्वास है कि कांवड़ यात्रा में जहां-जहां से जल भरा जाता है, वह गंगाजी की धारा में से ही लिया जाता है. कांवड़ के माध्यम से जल चढ़ाने से मन्नत के साथ-साथ चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति होती है.

कांवड़ यात्रा दृढ इच्छाशक्ति का सूचक है , इसे अत्यंत श्रद्धा भाव और संयम से पूरा करना चहिये .

इस प्रकार मनुष्य को अपने लक्ष्य का निर्धारण कर उसे दृढ इच्छाशक्ति के साथ पूरा करना चाहिए . लक्ष्यहीन मनुष्य दिशाहीन हो जाता है.

 

http://prabhudarshan.in/2016/07/shravan-me-kaise-puja-karein/