navratri puja samagri in hindi-नवरात्र, ये है पूजा के लिए जरूरी सामग्री

navratri puja samagri in hindi

अगर हम ज्योतिषियों की मानें तो पूजा की सामग्री(puja samgri) भी अमावस्या(amavasya) के तिथि खत्म होने के बाद ही खरीदना शुभ होता है। आज हम आपको बता है नवरात्रि के लिए जरूरी सामग्री(navratri puja samagri in hindi).इस समय के दौरान (नवरात्रे) पूरी तरह से मांस अनाज शराब प्याज लहसुन आदि जैसे खाद्य पदार्थ खाने से नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित होती है।इन खाद्य पदार्थ से दूर रहना चाहिए ।

9 days navratri puja

Navaratri 2018: 10 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं नवरात्र, ये है पूजा के लिए जरूरी सामग्री। नवरात्रि में माता की अखंड ज्योति से लेकर ज्वार बोने तक बहुत सारी चीजों की जरूरत होती है।

navratri puja samagri in hindi-सामग्री
माता की मूर्ति
चौकी पर बिछाने के लिए लाल या पीला कपड़ा
माता की लाल चुनरी
कलश
ताजा आम के पत्ते
फूल माला
एक जटा वाला नारियल
पान के पत्ते
सुपारी
इलायची
लौंग
कपूर
रोली, सिंदूर
मौली (कलावा)
चावल
घी
रुई या बत्ती
हवन सामग्री
पांच मेवा
कपूर
जवारे बोने के लिए मिट्टी का बर्तन
माता के श्रंगार

navratri puja vidhi

पुरे वर्ष में चार नवरात्र आते हैं। दो मुख्य और दो गुप्त नवरात्र होते हैः। जिन लोगों को शक्ति की उपासना करनी हो उन्हें शारदीय नवरात्र में मां की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। इन दिनों अगर हम शक्ति की उपासना करते है। उसके के साथ ही अपने इष्ट की भी आराधना श्रद्धालुओं को शुभ फल प्रदान होता है।इसलिए नवरात्र में शक्तिसंपन्न देवता जैसे हनुमान जी और भैरव जी की पूजा भी बहुत फलदायी होती है क्योंकि ये देवता भी देवी के साथ-साथ ही शक्तिशाली माने गए हैं जो पूजा से जल्दी ही प्रसन्न होते हैं।

how to do navratri puja for 9 days

नौ दिनों (9 days of navratri)तक होने वाली नौ दुर्गा(maa durga) उपासना में सूर्य और चंद्रमा सहित अन्य नवग्रहों का भी विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। अगर माता की कृपा का शीघ्र लाभ तो नवरात्र में देवी की तंत्र पूजा कर सकते हैं। इसमें क्लीं शब्द को तंत्र का बीज मंत्र कहा गया है इसका सवा लाख जाप करके भी तंत्र साधना की जा सकती है। इसके लिए प्रातःकाल स्नान कर अपने आराध्य और देवी को घी या तेल का दीपक लगाएं क्लीं मंत्र का जाप करें गूगल का धूप देवी को करें। इतना भी नहीं हो तो ५ सरसों के तेल के दीपक जलाकर देवी दुर्गा की आरती कर लें। श्रद्धालु को लाभ ही लाभ मिलेगा।