Untold truth of Mahabharata-अर्जुन की रक्षा के लिए भगवान श्री कृष्ण ने सहे थे 12 तीर !

कुरुक्षेत्र में लड़े गए महाभारत का भीषण युद्ध इतिहास का सबसे हिंसक एवं रक्तपात वाला युद्ध था . इस युद्ध से जुडी अनेक कथाएं आज भी हमें अनेक शिक्षाप्रद सीख़ देती है.

इस युद्ध के अनेक प्रसंग ऐसे है जो जीवन से जुडी बहुत ही महत्वपूर्ण शिक्षा हमें देते है जिसे यदि हम अपने जीवन में उतार ले तो हम हर सफलता को प्राप्त कर सकते है.

स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने महाभारत के युद्ध में अर्जुन के ऊपर अपने विराट रूप के साथ ज्ञान की वह वर्षा की थी जो आज भगवत गीता के नाम से प्रसिद्ध है. भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को इस युद्ध में भी अनेको बार मृत्यु के मुंह से बाहर निकाला.

आज हम आपको महाभारत से जुडी एक कथा के बारे में बताने जा रहे है जिसमे में भी भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को बचाने के लिए उनके ऊपर आता तीर खुद अपने ऊपर ले लेते है.

महाभारत के युद्ध में अर्जुन और कर्ण आमने सामने थे, युद्ध बहुत भयंकर होता जा रहा था. दोनों एक दूसरे पर दिव्य शक्तियों का प्रयोग कर रहे थे. कर्ण ने अर्जुन को पराजित करने के लिए उन पर एक सर्प बाण चलाया.

यह बाण कर्ण ने अपने पास अर्जुन पर प्रहार करने के लिए बहुत समय से रखा था.