What is dhanteras

What is dhanteras : Dhanteras kyu manate hai

What is dhanteras

धनतेरस जिसका शाब्दिक अर्थ होता है, धन अर्थात धन सम्पदा।धनतेरस (What is dhanteras) के दिन धनवंतरि और माँ लक्ष्मी जी की विशेष पूजा का महत्व है।

जो हमें सांसारिक जीवन के यापान हेतु आवश्यक होता है। तेरस अर्थात तेरहवां दिन जो हिन्दू कैलेंडर के अनुसार तेरहवें दिन आता है।

What is the meaning of dhanteras

धनतेरस कार्तिक मॉस के त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। जो की हिन्दू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक मास  के तेरहवें दिन मनाया जाता है।

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Dhanteras kyu manate hai

धनतेरस बहुत ही शुभ पर्व माना जाता है। इस दिन सभी लोग अपने घर की सफाई करते हैं। आस पास की गंदे को साफ़ करते हैं। धन्वंतरि जी मान्यता के अनुसार इस दिन सागर मंथन से धन्वंतरि जी उत्पन्न हुए थे।

धन्वंतरि जी धन के देवता हैं (What is dhanteras) और जिनकी आराधना करने से धन की वृद्धि होती है। इसी कारण Dhanteras मनाया जाता है।

When is dhanteras in 2018

इस बार धनतेरस 5 नवंबर 2018  को सोमवार के दिन मनाया जाएगा जो बहुत ही शुभ दिन है।

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dhanteras 2018 know shubh muhurat of dhanteras

Trayodashi Tithi Starts = 01:24 on 5/Nov/2018
त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ- 01:24 पर 5/nov/2018
Trayodashi Tithi Ends = 23:46 on 5/Nov/2018
त्रयोदशी तिथि संपन्न – 23:45 पर 5/nov/2018

Dhanteras 2018 | Dhanteras Muhurat Timings & Date

Dhanteras Puja Muhurta = 18:20 to 20:17
Duration = 1 Hour 57 Mins
Pradosh Kaal = 17:42 to 20:17
Vrishabha Kaal = 18:20 to 20:18

Dhanteras 2018 date in india

धनतेरस पूजा व खरीदारी का शुभ मुहूर्त शाम 7:55 मिनट से 8:26 मिनट तक है। इस साल Dhanteras 17 अक्टूबर को है। इस 51 मिनट के प्रदोष काल में नया सामाना खरीदने से धन में वृद्धि होती है (What is dhanteras) और मां लक्ष्मी एवं कुबेर देवता प्रसन्न होते हैं।

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dhantrayodashi puja

इस साल धनतेरस में बहुत ही शुभ योग बन रहा है। जो की सोमवार को है अर्थात इस महाशुभ योग में हनुमान  जयंती और मासिक महा शिव रात्रि इस दिन पड़ रही है। जिस कारण अगर आप इस दिन धन्वंतरि और माँ लक्ष्मी जी की पूजा करते हैं तो आपको धन एव सुख समृदि की प्राप्ति होगी।

Story Of Dhanteras

धनतेरस इस बार बहुत ही महाशुभ योग लेकर आ रहा है। धरम ग्रंथों के अनुसार इस दिन धन्वन्तरि समुद्र मंथन से उत्पन्न हुए थे। इस दिन धन्वंतरि जी की पूजा करने से धन सम्पदा की वृद्धि होती है।  मान्यता एवम धर्म ग्रंथों के अनुसार कथा आती है। राजा हिमा जिनके पुत्र को श्राप था की उसकी मृत्यु तत्क्षक नामक सर्प के काटने से दिवाली के दो दिन पहले हो जायेगी। तभी हिमा की बहु ने भगवान् की आराधना की और घर के सारे गहने एवम  धन सम्पदा घर के द्वार के सामने रखें।

Dhanteras katha

सर्प जब उस घर में पहुँचा तो भीतर नहीं घुस पाया। ईश्वर की कृपा से हिमा के पुत्र को नया जीवन दान मिला। उसकी बहू के रात भर के जागरण और निरंतर हो रही प्रार्थना से उनके घर में धन की और वृद्धि हुई। इसी दिन से धनतेरस (What is dhanteras) का पर्व मानाने का माहात्म्य भी उत्पन्न हुआ। जो की आज हम सभी भारतीय हर्षो उल्लास के साथ मानते हैं।

How to Celebrate Dhanteras

धनतेरस कहो या धनत्रयोदशी जो की हिन्दू पर्व का सबसे महत्त्वपूर्ण एवम पुण्यदायक त्यौहार में से एक है। जो अत्यंत ही शुभ और दिवाली के पांच पर्वों में से प्रथम पर्व है। दिवाली में धनतेरस के दिन आपको कैसे सुख समृद्धि शान्ति प्राप्त हो उसके लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक हो जाता है।

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Dhanteras kaise  manaye| dhanteras pooja vidhi

धनतेरस के दिन भगवान् धन्वन्तरि जी की पूजा की जाती है। जिससे आपके घर में शान्ति सुख और धन सम्पदा में वृद्धि होती है। सबसे महत्वपूर्ण बात जो ध्यान में राखी जानी चाहिए वह है की, भगवान् धन्वन्तरि गई को आयर्वेद के जनक भी कहा जाता है। जो आरोग्य और दीर्घायु प्रदान करते हैं।

धनतेरस कैसे मनाएं | धनतेरस पूजा विधि

इस दिन प्रभु धन्वन्तरि जी की पूजा धुप दीप नैवेध्य से की जानी चाहिए। उन पर पुष्प चढ़ाकर सच्चे मन से पूजा अर्चना एवम प्रार्थना करने से आपको सभी रूगो से मुक्ति मिलती है। आपके घर में सुख शान्ति (What is dhanteras) समृद्धि आती है।

dhanteras puja vidhi

धनत्रयोदशी अर्थात धनतेरस के दिन भगवान् यमराज जो की मृत्यु प्रदान करते हैं। उनकी पूजा भी की जाती है। इस दिन उनकी आराधना करने से दीर्घायु प्राप्त होती है।

dhanteras puja vidhi 2018

धनतेरस के दिन आपको घर के द्वार के सम्मुख संध्या के समय अनाज के ढेर के उप्पर एक पुण्य दीपक जलाना चाहिए। जो की मिटटी का होना चाहिए। सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है की दीपक को दक्षिण दिशा पर रखना अनिवार्य है।

dhanteras puja vidhi in hindi

धनतेरस के दिन जब आप संध्या वेला में दीपक जालाते है। उस समय आप ध्यान रखें की आप निम्न मंत्र का जाप अवश्य ही करें।

ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं महालक्ष्मी धनदा लक्ष्मी कुबेराय मम गृह स्थिरो ह्रीं ॐ नमः

What to buy on dhanteras

धनतेरस दिवाली को दो दिन पूर्व मनाई जाती है। धनतेरस पर आप जो भी कुछ खरीदते है तथा उन को घर लाते हैं, तो वह बहुत ही लाभदायक सिद्ध होती है। धनतेरस के दिन घर लाया गया कोई भी सामन बहुत ही लाभदायक होता होता है(What is dhanteras) और सकारात्मक उपयोग प्रदान करता है

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Dhanteras par kya khareedein

इस साल धनतेरस 17 अक्टूबर को है। और इस दिन आप जो भी सामग्री खरीदते हुईं वह लाभ दायक होती है। धनतेरस पर आप अपनी आवश्यकता के अनुसार कुछ भी खरीद सकते है। गृहस्थ ज्योतिषशास्त्रों के अनुसार धनतेरस पर गृहस्थों को किसी भी धातु की वस्तु अवश्य खरीदनी चाहिए। विशेषतौर पर चांदी व पीतल एवं सोने की जो आपको बराकत एवम लाभ प्रदान करेंगी।

Dhanteras shopping ideas

विद्यार्थीयों को धनतेरस के दिन कॉपी किताब पेन पेन्सिल तथा लेखन से जुडी चीजें खरीदनी चाहिए। विद्यार्थिओं को शास्त्रों के अनुसार ये सभी (What is dhanteras) सामग्री पूर्व एवम उत्तर दिशा में रखनी अवश्य चाहिए। जो ऐसा करना अत्यंत ही शुभ एवम लाभकारी होती है।

Which deity is worshipped on the dhanteras

धनतेरस पर भगवान् धन्वंतरि भगवान् कुबेर एवम माँ लक्ष्मी जी की पुजा की जाती है।

dhanteras par kiski pooja ki jaati hai

धन तेरस पर इन सभी देवी देवता की पूजा करने से धन सम्पदा प्रदान में वृद्धि होती है। घर की दरिद्रता दूर होती है आपको लम्बी आयु प्रदान करते हैं तथा निरोगी बनाते हैं।

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धनतेरस पूजा व खरीदारी का शुभ मुहूर्त शाम 7:55 मिनट से 8:26 मिनट तक है। इस 51 मिनट के प्रदोष काल में नया सामाना खरीदने से धन में वृद्धि होती है और मां लक्ष्मी एवं कुबेर देवता प्रसन्न होते हैं।

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Dhanteras pooja mantra

सबसे महत्वपूर्ण होती है, (What is dhanteras) पूजा आप किस देवी देवता की पूजा करते वक़्त कोण सी आरती या मंत्र का जाप करते है। जिसके प्रयोग करने से धनतेरस के दिन सुख शान्ति और धन में वृद्धि होती है।

ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर।

भूरिरेदिन्द्र दित्ससि।

ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्।

आ नो भजस्व राधसि।।

ऋग्वेद (4/32/20-21)

ध्यान रखे आप इस मंत्र का जाप प्रातः काल प्रतिदिन करने से धन सम्पदा की प्राप्ति होती है और सुख शान्ति प्राप्त होती है।